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बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 294, कुल 350 में से

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पृष्ठ 294

( २६३ )
अकस्मात् धन प्राप्ति योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी कच्छप यानी
कछुए का सा चिह्न हो तो अकस्मात् धन प्राप्ति योग बनता
है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है उसे जीवन
में कई बार अचानक धन लाभ होता रहता है ।
अकस्मात धन प्राप्ति योग
ऋषि योग :
परिभाषा : यदि हाथ में कहीं पर भी कुण्डल का
चिह्न दिखाई दे तो ऋषि योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति
परोपकारी, ईश्वर पर आस्था रखने वाला, सत्य वचन बोलने
वाला एवं धार्मिक होता है ।
ऋषि योग
दुर्धर्ष योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी अष्टकोण का
चिह्न हो तो उपरोक्त योग होता है ।
फल : यह योग रखने वाला व्यक्ति अत्यन्त क्रोधी,
खूंखार, दुष्ट तथा कुख्याति प्राप्त करने वाला व्यक्ति होता है ।
ऐसा योग डाकुओं के हाथ में देखा जा सकता है ।
दुर्धर्ष योग