बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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गरुड़ योग :
परिभाषा : यदि हाथ में कहीं पर भी वेदी का चिह्न
हो तो गरुड़ योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह सुन्दर,
सुशील, शिक्षित एवं आकर्षित व्यक्तित्व वाला जातक होता है
परन्तु उसकी मृत्यु जहर खाने से होती है ।
रज्जु योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी सर्प का
चिह्न हो या रस्सी का सा चिह्न हो तो रज्जु योग होता है ।
फल : जिस व्यक्ति के हाथ में यह योग होता है वह
जीवन में कई बार विदेश यात्राएं करता है । ऐसे व्यक्ति का
एक लक्ष्य होता है और उस लक्ष्य की ओर वह निरन्तर गति-
शील रहता है । ऐसा व्यक्ति निरन्तर कार्य करने वाला तथा
ईर्ष्यालु प्रकृति का होता है ।
मूसल योग :
परिभाषा : जिसके हाथ मे धान कूटने के मूसल के
समान कोई चिह्न हो तो वहां मूसल योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में मूसल योग होता है वह जीवन
में उच्च अधिकारियों के द्वारा सम्मान प्राप्त करता है तथा स्वयं
भी श्रेष्ठ अधिकारी होता है । ऐसे व्यक्ति के जीवन में आर्थिक
दृष्टि से किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती ।