बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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शक्ति योग :
शक्ति योग
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी धनुष का चिह्न
दिखाई दे उसके हाथ में शक्ति योग होता है ।
फल : जिस जातक के हाथ में शक्ति योग होता है
वह व्यक्ति स्वार्थी लोभी, आलसी, तथा अन्य लोगों द्वारा अप-
मानित होता है। ऐसे व्यक्ति के पास अगर द्रव्य होता भी है
तो वह मूर्खतापूर्ण कार्यों में उड़ा देता है । समाज में ऐसे व्यक्ति
का कोई सम्मान नहीं होता ।
श्रीमहालक्ष्मी योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी तराजू का
चिह्न दिखाई दे तो वहां श्री महालक्ष्मी योग होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह लाखों
में खेलने वाला तथा धर्मात्मा होता है तथा उसकी प्रसिद्धि
दूर-दूर तक फैली हुई होती है। जीवन में वह सभी दृष्टियों
से सुखी सम्पन्न एवं सन्तुष्ट रहता है ।
श्रीमहालक्ष्मी योग
धनवृद्धि योग :
परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी कलश का
चिह्न दिखाई दे तो धनवृद्धि योग समझना चाहिए ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है उस व्यक्ति
को निरंतर धन की प्राप्ति होती रहती है तथा उनका बैंक
बैलेंस बढ़ता ही रहता है ।
धनवृद्धि योग