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सर्वकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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पृष्ठ 281

( २८० )
दुर्योग :
परिभाषा : यदि स्वास्थ्य रेखा पर त्रिकोण का चिह्न
हो तो दुर्योग होता है ।
फल : जिस जातक की हथेली में दुर्योग होता है
वह व्यक्ति कमजोर शरीर वाला अपने स्वास्थ्य के प्रति लापर-
वाह दरिद्री जीवन व्यतीत करने वाला, स्वार्थी तथा अपने
जन्म स्थान से दूर रहने वाला होता है ।
दुर्योग
गोल योग :
परिभाषा : यदि शुक्र पर्वत हथेली के बाहर की ओर
निकला हुआ सा हो तो गोल योग होता है ।
फल : ऐसा व्यक्ति परिश्रमी, भाग्यहीन, तथा बराबर
धन की चिन्ता करने वाला तथा तुच्छ बुद्धि का होता है ।
गोल योग
युग योग :
परिभाषा : यदि स्वास्थ्य रेखा हथेली के पार जाती
हो तथा जीवन रेखा से उसका सम्बन्ध बना हो तो युग योग
होता है ।
फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति चंचल
स्वभाव वाला पाखण्डी एवं व्यभिचारी होता है । ऐसे व्यक्ति
को समाज में किसी प्रकार का कोई सम्मान नहीं मिलता ।
युग योग