विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१० विविध तीर्थ-कल्प
२१ नन्दीश्वरद्वीप कल्प,
२२ नाशिकपुर कल्प,
२३ पाटलिपुत्र कल्प,
२४ पार्श्वनाथ (स्तम्भन) कल्प
२५ प्रतिष्ठानपुर कल्प,
२६ फलवर्द्धि पार्श्वनाथ कल्प
२७ मथुगपुरी कल्प
२८ मिथिला नाथ कल्प,
२९ रत्नवाहपुर कल्प
३० वागणसी नगरी कल्प
३१ वैभारगिरि कल्प
३२ शग्वपुर पार्श्व कल्प
३३ शत्रुञ्जय तीर्थ कल्प,
३४ गृद्धदन्ती पार्श्व कल्प,
३५ श्रावस्ती नगरी कल्प
३६ श्रीपुर अन्तगेक्ष कल्प
३७ सत्यपुर तीर्थ कल्प
३८ हरिकेली पार्श्व कल्प,
३९ हस्तिनापुर कल्प,
४० आमेर कुण्ड पद्मावती कल्प,
४१ व्याघ्री कल्प,
४२ कपर्दि कल्प,
४३ अम्बिका कल्प,
४४ वस्तुपाल तेजपाल कल्प,
इनमे पावापुरी, अष्टापद, कन्यानयन, ढिंपुरी, हस्तिनापुर के
दो-दो हैं, प्रतिष्ठान के तीन हैं, गिरनार के चार हैं व पार्श्वनाथ
(स्तंभन) के दो हैं। अत ६२ मे १२ बाद जाने से ५० रहे और