विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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भद्र कर ९४ भीम (भावी प्रतिवासुदेव) ९४
भद्रसेन (जीर्ण सेठ) १६४ भीमदेव (राजा) ११५,१२१,
भद्रा ९४ १७६
भद्रिका (नगरी) ७७ भूहड (राजा) ११५
भद्दिला १७० भूतरमण उपवन ३७
भद्दिलपुर ४ भूतदत्ता १५५
भद्रबाहु ९,१५६ भूता १५५
भद्रा (कामदेव पत्नी) ४८ भोपाल २३६
भद्रा (राजकन्या) १६४ भडीरवन ४१
भरत (शास्त्र) १५७ भृकुटी (यक्ष) ७३
भरत (चक्रवर्ती) २,३,६९,७०, —म—
७३,६०,२०५,२०९,२३१ मगदण (चाडाल) ९०
भरतेश्वर १९२,५४,२११ मगदुमइ जहां २१६
भारतवर्ष ३२,४५,७१,८०,६२, मगध (तीर्थ) ५०
१५८,२०४,७३,१८३ मगध (देश) १७०,१७७,२०८
भारतखण्ड १११ मघव (नृपति) १४६
भरुअच्छ (भरौंच) ४६,४८ मध्यदेश ९३
भरौंच ४१,४७,१०६,१९४,२०० मध्यम पावा ७७,१००,१७१
भाइल स्वामिगढ १९५ मणिकर्णिका १६२
भागीरथी ६०,२१२ मणिप्रभ (देव) १६५
भानुमित्र ८८ मत्तगयद यक्ष ५५
भानुकीर्त्ति १२९ मतिसार (मंत्री) ४४
भानु नरेन्द्र ७४ मतुडक १९५
भारद्वाज (गोत्र) १७० मथुरापुरी ३६,३७,६९,४१,
भावड (साह) २० १९३,१९४,२४३
भावड १२९ मथुरा कल्प ३६,४३
भीम (पाडव) ८७