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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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३३४ विविध तीर्थ-कल्प
नाऊ १०० नेमिनाथ (मदिर) ३५
नागकुमार ७४, ७५ नेमिनाथ (प्रतिमा) ३१
नागार्जुन २६, २३८ नदराजा १५५, १५६, ८८, ९०
नागदा २४३ नद (नाविक) १६३
नागहद १९४ नंदन ९४
नागराज (देव) १७४ नंदन (मुनि) ४४
नायग (श्रावक) १७५ नंदश्री १६४
नाणा १९५ नंदा (सेठानी) १६४
नाभिराजा का महल ५४ नंदा ५१
नामेय १० नंदा १७०
नायक ९४ नंदिमित्र ९४
नारद (ऋषि) १, २, ९४, ११७, नंदिवर्द्धन गिरि ३४
१३१, ११९ नंदिवर्द्धन (राजा) ९६
नारायण ३८ नंदिवर्द्धन १९२, १९५
नालंदा ५१, ७७ नंदिषेण (आचार्य) ३
नागिकपुर १७, ११७, ११८, नंदिषेण ५१
१७०, १२१ नंदिसूरि ९
नाशिक्य (पुरी) नन्दी ९४
नाहड़ (राजा) ६२, ६३, ६४ नंदीश्वर द्वीप मंदिर ७, १४, २०६
निष्कपाय ९३ नंदीश्वर द्वीप १०८, ११०, १११
निष्पुलाक ९३ –प–
निर्मम ९३ पद्म १४
निर्वाणशिला १६ पद्म (बलदेव) १२६
निवृत्ति (राजकन्या) ४२ पद्मस्थल ४१
नेमि (नाथ) २, ३, ७, ११, १२, १३, पद्मनाभ ९३
१४, १५, १६, १९, २०, २१, २४, पद्मप्रभ ५३
३२, ४१, १५०, १९४, २२५,
२३०, २३७, २४३, २४६