विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविशेष नामसूची ३३३
धनदेव (विप्र) १७० धर्मनाथ ७३, ७४, १९४
धनदेव (सेठ) ६४ धर्मेक्षा सन्निवेश १६९
धनमित्र (विप्र) १७० धवल २०
धनमित्र ९ धवलकपुर् ३९, १८०
धनद (यक्ष) १२ धवलगिरि
धनपति २३७ धाराड गाव १२८
धनेश्वर (सार्थवाह) २५, २६ धाराघर (ज्योतिपी) १०३
धनेश्वर (व्यापारी) ४६ धारासेणक (गाव) ५६
धन श्रेष्ठि १५६ धारिणी (रानी) १६०
धन्वन्तरि कूप ३१ धधल (श्रीमाल) २४०
धन्नाऋषि ५० धाधूक (राणा) ३५
धर्म ९४ —न—
धर्मघोप (मुनि) ३६, १६५ नकुल ८७
धर्मघोष सूरि ७१, २४२ नगर महास्थान १९२
धर्मयश १६५ नगाधिराज १
धर्मदत्त ९१, १८५ नड्डूल मडल ६२
धर्मदत्त (कल्किपुत्र) ८, १५६ नमि-विनमि २, ७
धर्मपुत्र ८४ नमिनाथ ७१, ७२, १७८, १७९,
धर्मराज ७५, ९७ १९४
धर्मरुचि १६३, ३६ नमी महाराजा ७२
धर्मरुचि (राजा) ११३ नमुचि ६१, ९७, ९८, ९९, २१२
धम्मिल १७० नर्मदा नदी ४४, ११३
धर्म ऋषि १८५ नरदत्ता देवी ४६
धर्मचक्र १९२ नरवाहन (राजा) ८८
धरणेन्द्र २३, २७, ३०, ३१, ३८, नवांगवृत्ति २९
५५, ५८, ७०, ११६, २१०, नागिल श्रावक ९१
२३६, २४२