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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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विशेष नामसूची ३३१

  • ढ -
    ढक (कुंभकार) १६०
    ढक गिरि १, २३६
    ढिंपुरी १८३, १८८, १९०, १९१,
    २४३
  • त -
    तक्षक नागेन्द्र २५
    तक्षशिला ६०, १९२
    तत्त्वार्थाधिगम १५६
    त्र्यम्बक देव १२०
    ताज (ल) मल्लिक २१४
    तापी (नदी) १३४
    तारण तीर्थ १९३
    तालध्वज १
    तालवन ४१
    तिलक (भावी वासुदेव) ९४
    तिलंग २२१
    त्रिपृष्ठ (भावी वासुदेव) ९४
    त्रिगलादेवी ७७
    तिंदुणा १७६
    तिंदुक उद्यान १६०, १६४
    तिंदुक (यक्ष) १६४
    त्रिकूट (शिखर) ४९
    त्रिकूट गिरि १९४
    त्रिशंकु (नृप) १६५
    तिरहुत देश ७१
    तीर्थराज १
    तुगलकाबाद १०३, १०४
    तुर्क १०२, १०६
    तुर्क मण्डल १२१
    तुर्क (राजा) ११७
    तुंगिय (सन्निवेश) १७०
    तुबवण (सन्निवेश) २०९
    तेजपाल ९, २१, ३५, १७९,
    १८२
    तेजलपुर १४, २१
  • थ -
    थेहा (साह) १२९
    थिरदेव २१६
  • द -
    दक्षिण भरत १६१, २०४
    दक्षिण वाराणसी २३२
    दक्षिण मथुरा १५०
    दक्षिणापथ १३४, १९२, २००
    दृढायु ९३
    दृढप्रहारी ११९
    दत्त (कुलकर) ९३
    दत्त (कल्किपुत्र) ३, ९१, ९३
    दत्त (पुरोहितपुत्र) ५९
    दत्त (मेतार्य-पिता) १७०
    दधिवाहन १४७
    दमयन्ती ७०, २१०