विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविशेष नामसूची ३२१
चर्मणवती १८३, १८४, १८६ चंद्रप्रभ ६५, ११७, ११८, ११९,
चाणक्य (मंत्री) १५७ १२०, १६९
चाणक्य (शास्त्र) १५७ चंद्रप्रभागणिविका ७७
चामुण्डराय ११५ चंद्रलेखा ४६, २३८
चारुदत्त ५९ चंद्राननजिन २०६, १०८
चारुप २४३ चंद्रानना ४
चालुक्य २०, ५६, ११५, १२१ चन्देरी १९३
चाहंड २१७ चंद्रचूड १६५
चौहान १०१ चंद्रशेखर १६७
चौरासी ४० चंद्रावती (पुरी) ३५, १६९, १९३
चित्रकूट ३५, ६७ चंपापुरी (नगरी) ४, २३, २७,
चित्रगुप्त ९३ ५७, ७७, १८४, १८७, १८९,
चित्रकूट मंडल २०२ १५०, १९३, १९४
चिल्लणिका ४१ चम्पानगरी (विदेहक्षेत्र) ४४
– छ –
चिंगउल्ल नगर २३४ छत्रशिला ११, १५, २१
चिंगउल्ल देश २३४ छत्तावल्ली ५५
चेल्लणपार्श्व १८३, १८८, १९० छाया पार्श्वनाथ १९४
चोलदेश १०१ – ज –
चडप (ठक्कुर) १७९ जडतसीह १७६
चण्डप्रसाद (ठक्कुर) १७९ जगई (गाव) ७२
चँडसिंह ३६ जगसीह (संघपति) १०५
चंडप्रद्योतन (राजा) ५२ जज्जिंगसूरि ६२
चंडिका भवन ३१ जट्ठम (राजपूत) १०२
चंद्रकुल २३८ जनकस्थान ११८
चंद्रगुप्त ४६, ८८, १५७ जनक राजा ७२, ११८
चंदनवाला ५३, १४७