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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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पृष्ठ 410

विशेष नामसूची ३२७
कोटिगिला १२
कोटिगिला तीर्थ १७७, १७८,
१७९
कोडीनार (नगर) २४३
कोर्टिवन ४४, ४६, ४८
कोलवत ४१
कोल्लाग (सनिवेश) १७०
कोलापुर १४० १९२
कोल्लासुर १४१
कोगल जनपद-देश ७३, ९५, २०८
कोसल ५३, १२७, १७०
कोगा (वेश्या) १५५
कोष्टक (चैत्य) १६४
कौशाम्बी ४, ५२, ५३, १६०, १४७,
१४९, १९३
कोहडि ७, २४५
कोहण्डविमान २४५
कोहण्डि देवी कल्प २४३
कौटिल्य ऋषि १६६
कौभीषण (गोत्र) १५६
कौशिकार्य १४९
क्रांचद्वीप १९३
क्षत्रिय कुण्ड ७७
क्षिति प्रतिष्ठ (नगर) ५०
क्षुल्लक कुमार १६१
क्षुल्ल हिमवत १६५
क्षेत्रपाल ४१, ६५, १९१, २३६,
२४२
क्षेमराज ११५
– ख –
खदिर वन ४१
खत्तवाय १६
खरक (वैद्य) १००
खरतर गच्छ १०३, २१८
खू दला वोर १३५
खेड १९५
खोजा जहाँ मल्लिक २१७
खोडिया ११
खगारगढ (दुर्ग) १४, २१, १९२
खगार राजा २०
खड (शुल्कपाल श्रावक) ११२
खण्डिका शिखर ४९
खभात ११४
– ग –
गजेन्द्रपद कुण्ड १४, २१
गजपुर ४२, ६०, २१३, ९८,
गजनीपति ६६
गणपति रस कुण्ड १८
गणपति देव (राजा) २८४
गर्दभिल्ल (राजा) ८८
गर्दभालि अणगार ११२
गजासुर ११६
गागालिकुमार ११२