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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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पृष्ठ 409

३२६ विविध तीर्थ-कल्प
काश्यप ( गोत्र ) १७० कुशस्थल ४१
काश्यप ( सचिव ) १६० कुसुमपुर १५५
किन्नर ( यक्ष ) ७५ कुण्डग्राम ४ १९५
किष्किन्ध्या १९४ कुण्ड सरोवर ५७
कुक्कुडेश्वर ५७,५९ कुंतल १६६
कुड्डुगेश्वर २००,२०१,२०२ कुन्ती ३,७,११९
कुणाल ( मौर्य ) १५५ कुन्ती विहार १११
कुणाला ( जनपद ) १५८ कुंथु (जिन) ६०,१७८,१९४,
कुतुलखान २१४ २११,२१२,२१७
कुवेर यक्ष ७३ कुंभकारकट (नगर) १६०
कुवेर देवी ३७,३९,४२,४३,४० कुम्भराजा ७२
कुवेरदत्त ४२ कूणिक ५१,१४७,१५०
कुवेरदत्ता ४२ कूष्माण्डी देवी १५
कुवेरसेना ४२ केदार १८१
कुमारदेवी २०,१७९ कैलाश २०४, १९५
कुमार सरोवर २१ केसर उद्यान ११०
कुमार नन्दी १४८ केशव ७४
कुमार पाल २०,३६,५६,११५, केशीकुमार १६०
२०२ कोका १७५
कुमार सिंह १२० कोकावसति (पार्श्वनाथ) १७४,
कुमुदवन ४१ १७६,१७७
कुरुक्षेत्र ६०,२११ कोकूयित कुण्ड ३५
कुरुजागल जनपद ३० कोटिभूमि १९५
कुरु ६०,२११ कोटिगिला १९५
कुरु देश २०८ कौडिन्य गोत्र ७२,१७१
कुल्पाक २२०,२३१,१९२ कौडिन्य (तापस) २०१
कुशाग्रपुर ५० कौडिन्य मुनि ११२