विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ
पृष्ठ 404, कुल 442 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 404
विशेष नामसूची
( मूल तीर्थ कल्प के अनुवाद मात्र की )
- अ -
अकंपित(गणधर) ७२,१७०,१७१
अग्गहार ( ग्राम ) ११४
अग्निभूति (गणधर) १६९,१७१
अग्निवेश्यायन ( गोत्र ) १७०
अगपि १४९
अगकुमार ६०
अग (जनपद, देश) ५७,१४६,६०
अगदिका १९३
अंगवीर १६३
अगारक (तापस) १६७
अचल (ठक्कुर) २१३
अचलभ्राता (गणधर) ५३,१७०;
१७१
अचल सार्थवाह १५५
अचलेश्वर ३५
अजयदेव (राजा) ११५
अजयदेव (साहु) २१६
अजाहरा १९४,२४३
अजित (जिन) ३,८,५३,२०६
२१
अजित शान्ति स्तव ३
अजितनाथ आयतन ३
अजित (भावी बलदेव) ९४
अजित (सघपति) १९
अजितसेनाचार्य १६१
अर्जुन (पांडव) ८७
अर्जुनदेव (वाघेला राजा) ११५
अष्टापद (गिरितीर्थ) २१,२७,
५४,२०४,२०८,२११,२३७
अस्थि ग्राम ७७
अणहिल्ल (गोपालक) ११५
अणहिलवाड पाटणपुर २०,११३,
१२१,१७४,१७७
अणही १८३
अणतजिन ५३,२०४,१९४
अनतवीर्य ९४
अतनुवुक्क (सलार) १२१
अतिमुक्त (केवली) १
अतिबल (भावी वासुदेव) ९४
अतिभद्रा १७०
अन्निकापुत्र ४२,१५१