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सर्वकोश
विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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( ङ )
भगवान् श्री पार्श्वनाथ जी की पूर्ण कृपा से ट्रस्ट कमेटी के
मनोरथ सफल होगे । उनके परमभक्त भैरव जी महाराज हमे सदा
ही इस तीर्थ क्षेत्र की नानाविध उन्नति में निरन्तर प्रेरणा व
उत्साह देते रहे है और हमे पूर्ण आशा है कि भविष्य मे भी वे
हमारे प्रयत्नो को सफलीभूत करेंगे ।
सुल्तानमल जैन
अध्यक्ष
वाडमेर, श्री जैन श्वेताम्बर नाकोडा पार्श्वनाथ तीर्थ
दिनाक २-९-७८ मेवानगर (राजस्थान)