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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

पृष्ठ 370, कुल 442 में से

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पृष्ठ 370

परिशिष्ट २८७
प्रतिमा ३४, पाषाण की ५, उपासरै खरतरां के माहि दह०T
ऋषभदेव जी का पाषाण की प्रतिमा ७, धात की ७।
श्री किशनगढ़ में देहरा ३, पचायती श्री चिंतामण जी का
धात की प्रतिमा ३१, पाषाण की ७, जिमणी तरफ मनमोहन
पार्श्वनाथ जी के बिंब धात ११, पाषाण ९, वावी तरफ गौडी जी
जिसमे बिंब धात के १३, पाषाण ७, पाषाण की चौवीसी, खरतर
गच्छ का देहर श्री ऋषभदेव जी बिब पाषाण के ७, धात के ३२,
चरण श्री दादाजी के है। बीजामातियो के देहरा श्री ऋषभदेव जी
बिंब पाषाण के २२, धात के २५ है जी।
श्री याददासती
श्री सिद्धाचल जी महीना ४। सवाच्यार रह्या। श्री मवों
महावीर जी कोस १०। सवाई जैनगर सू सिद्धाचल जी कोप ४५५
साढाच्यार में। गाँव उन्द मवा सू कोस पचीस २५ दिन पनरा
रह्या। गाँव ऊना सै दिप बदर कोस पाँच ५। गाँव दीप से
वेरावल पाटण कोस बैयालीस दिन। बारा रह्या १२। मांगरोल
बंदर कोस दस १० दिन पनरा रह्या १५। श्री गिरनार जी कोस
सतरा दिन ५ रह्या। श्री नवैनगर कोस पैतीस ३५ दिन तेरा
रह्या। पोरबंदर कोस बावीस २२ दिन च्यार रह्या। ममई वदर
कास साठि ६० दिन पनरा रह्या १५। सूरत आया कोस इक्‍याणवै
९१, दिन पचीस रह्या। भुंरच कोस दस, दिन च्यार रह्या।
बडौदडो कोस १० दिन तीस रह्या ३०। गाँव डबोई कोस १०,
दिन च्यार रह्या। खमाच वदर कोस वीस २० दिन वीस रह्या।
अबदाबाद कोस पच्यासी ८५ दिन पैंतीस रह्या ३५। गाँव
मुसानो कोस १३ दिन पैंतीस ३५ रह्या। पीरपापहन कोस वतीस
३२ दिन बावीस रह्या। वीसनगर कोस १० दिन, च्यार ४ रह्या।