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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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पृष्ठ 304

५३. आमरकुण्ड पद्मावती देवी-कल्प
तिलग जनपद विभूषण और मनोहर आमरकुण्ड नगर मे
पर्वत-गिखर के भुवन मे विराजमान स्थित श्री पद्मावती देवी
जयवन्त हो ।
कल्याण करने वाले समस्त गुणगण नीरन्ध्र युक्त आन्ध्र देश मे
आमरकुण्ड नामक नगर है। गगनचुम्बी मनोहर हवेलियो की
श्रेणी से नयनाभिराम, नाना प्रकार के छाया वाले वृक्षो से परिष्कृत,
मधुर-मधुर गूँजते हुए मधुकरो के समूह से घिरे हुए पुष्पो के
सौरभ से सुगन्धित दिशाओ वाला, निर्मल पानी से भरे हुए बडे-
बडे सरोबरो और नदो से शोभित और गत्रुओ से क्षुब्ध न होने
वाला अदुर्ग होने पर भी दुर्गयुक्त वह नगर है। उस श्रेष्ठ नगर का
क्या वर्णन करे ? जहाँ करवीर के पुष्प हैं वे भी कस्तूरी की गन्ध
वाले हैं। विशिष्ट गन्ने और बडे-बडे केले के फल मनोहर नार-
गियाँ, अनेक प्रकार के आम्र, सरस पनस, पुन्नाग, नागवल्ली,
पूग-सुपारी अत्यन्त