विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें६ विविध तीर्थ-कल्प
गुजरात और काठियावाड़ राजपूताना और मालवा
शत्रुंजयमहातीर्थ [क० १] अर्बुदाचलतीर्थ [क० ८]
उज्जयन्त (रैवतगिरि) तीर्थ सत्यपुर तीर्थ [क० १७]
[क० २-३-४-५] शुद्धदन्तीगिरि [क०३१]
अश्वाववोधतीर्थ [क० १०] फलवृद्धि तीर्थ [क० ६०]
स्तम्भनकपुर [क० ५, ५९] ढिपुरी तीर्थ [क० ४३-४४]
अणहिलपुरस्थित अरिष्टनेमि कुडुङ्ङ्गेश्वर तीर्थ [क० ४७]
[क० २६] अभिनन्दनदेव तीर्थ [क० ३२]
अणहिलपुरस्थित कोकवसति वैभारगिरि [क० ११]
[क० ४०] अवध और बिहार
शंखपुर तीर्थ [क० २७] पावा या अपापांपुरी [क०२१,१४]
हरिकङ्खीनगर [क० २९] पाटलिपुत्र [क० ३६]
युक्तप्रान्त और पंजाब चंपापुरी [क० ३५]
अहिच्छत्रपुर [क० ७] कोटिशिला [क० ४१]
हस्तिनापुर [क० १६, ५] - कलिकुडकुर्कुटेश्वर [क० १५]
ढिल्ली या दिल्ली [क० ५१] मिथिला [क० १९]
मथुरा [क० ९] रत्नपुर [क० ७]
वाराणसी [क० ३८] कांपिल्यपुर [क० २५]
कौशावी [क० १२] अयोध्यापुरी [क० १३]
श्रावस्तीनगरी [क० ३७]
दक्षिण और वराड कर्नाटक और तेलंगण
नासिक्यपुर [क० २८] कुल्पाक माणिक्यदेव
प्रतिष्ठानपत्तन [क० २३] [क० ५२-५७]
अन्तरिक्षपार्श्वतीर्थ [क ० ५८] आमरकुड पद्मावती [क० ५३]
कल्यानयमहावीर [क० २२-५१]