विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५७० आनन्द मन्दिर
पति पत्नी की प्रेम वार्ता
उत्तम सन्तान की इच्छा रखने वाले पतियों को चाहिये
केवल विषय वासना की तृप्ति के लिये ही स्त्री से प्रेम न करके
प्रतिदिन हृदय से प्रेम करे और स्त्री को अपने जीवन की साथिन
समझ कर गृहस्थी के कार्य और व्यवहार में सम्मति लिया करे ।
जिन दिनों स्त्री गर्भवती हो उन दिनों इस बात का नियम
करले कि प्रतिदिन कुछ देरी के लिये स्त्री के पास बैठकर स्त्री से प्रेम
वार्ता और धर्म चर्चा किया करे और इस बात का ध्यान रक्खे
कि स्त्री पति के प्यार और प्रेमवार्ता से अधिक प्रसन्न रहती है किसी
स्त्री का पति चाहे जितना धनवान और सुन्दर हो स्त्री को चाहे
जितना वस्त्राभूषणों से प्रसन्न रक्खे परन्तु प्रेम न करता हो तो
स्त्री सब व्यर्थ समझती है ।
पति का प्यार संसार के बहुमूल्य
आभूषणों से भी बढ़कर है
याज्ञवल्क्य ऋषि के दो स्त्रियां थी कात्यायनी और मैत्रेयी
इन दोनों पत्नियो से में मैत्रेयी में पति का प्यार कुछ अधिक था
जब याज्ञवल्क्य सन्यास लेकर तपस्या करने के लिये घर से जाने
लगे तब उन्होंने अपना कुल गृहस्थी का सामान वस्त्राभूषण
आदि दोनों स्त्रियों को दो हिस्से बराबर बराबर करके बांट दिया
और आप तपस्या के लिये वन को चल दिये ।