विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४५२ आनन्द मन्दिर
कर लेते हैं और स्त्रियां आत्मघात कर लेती हैं। इस प्रकार दोनों
का जीवन नष्ट होजाता है। यह उन अन्धे और मूर्ख माता पिता
का दोष है जो विना लडका लडकी का मेल मिलाये ही विवाह
कर देते हैं। ऐसे बेमेल विवाह वाली रोगी अनेक स्त्रियां मेरे
पास आया करती है और अपने छोटे पति की दुःखद कहानी
कहा करती है।
संभोग और निर्वलता
मेरे पास अनेक स्त्रियां ऐसी भी आईं जिनके पति बिलकुल
अनजान होते हैं। मूर्खतावश अथवा लालचवश माता पिता लड़के
मे कुछ भी नही देखते। केवल लड़के मे मर्द के चिन्ह हैं यही देख
कर विवाह करदेते हैं। लड़का बिलकुल अनजान और लड़की पूरी
स्त्री यानी सत्तरह अठारह वर्ष की होती है। विवाह की खुशी मे
लड़की तो फूली नही समाती। जब विवाह होकर पति से सामना
होता है तो कर्म पर हाथ रखकर रोती है और माता पिता को
क़ोसती है।
ऐसे माता पिता भी विवाह के बाद ही गौना करने को उत्स-
हित रहते हैं कि किसी तरह से पतोहू घर पर आवे इसलिये
गौना भी हठ करके उसी वक्त कराते हैं। घर पर आकर लड़के
की बहिन, भौजाई, चाची, ताई, और अड़ोस पड़ोस की स्त्रियां
सोहाग रात की जल्दी मचाती हैं और लड़के को किसी तरह से उस
कमरे मे जहां नई बहू है बन्द कर देती हैं। बन्द होने पर वह रोता