सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 623, कुल 704 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 623

४४२ आनन्द मन्दिर
अवस्था कम होने से विवाह में आगे चलकर कितना बुरा परिणाम
होता है। यदि इस बात को सब मनुष्य भली भांति जान जाये
तो कदाचित यह मूर्खता दूर होने मे कुछ सहायता मिले, इसलिये
मैं संकोच छोड़कर इस विषय को आयुर्वेद के आधार पर
दाम्पत्य प्रेम-विज्ञान के अनुसार विस्तार पूर्वक लिखती हूँ। पाठक
पाठिकाए ध्यान से पढे और इस पर विचार करे। विचार ही
नहीं, इस दुष्ट प्रथा को बन्द करें और नीचे लिखे अनुसार
अवस्था देखकर खूब सोच समझ कर और देख-सुनकर लड़की
लड़के का विवाह करे।
मै तो यह कहूंगी कि जो बाल विवाह करते हैं और जो बे-
मेल विवाह करते है दोनों महा अज्ञान हैं, अथवा शास्त्रकारों के
उद्देश्य को समझने मे उन्होने भूल की है। मुझे २५ पचीस वर्ष
का इस विषय मे लाखो स्त्रियों की चिकित्सा करके पूरा अनुभव
हुआ है कि बाल विवाह और बेमेल विवाह से ही पुरुषों में
रोगो की अधिकता और बच्चो की रोगी तथा मृत्यु-संख्या अधिक
देखी जाती है। मुझे जो कुछ अनुभव इतने वर्षों मे रोगी
स्त्रियो को देखकर तथा उनकी जबानी मालूम होने से हुआ है
उसे मै सब के हितके लिये लिखती हूँ।
आयुर्वेद बतलाता है:—
पूर्णषोडशवर्षा स्त्री पूर्ण विंशेन संगता ।
शुद्धेगर्भाशये मार्गे रक्ते शुक्रेऽनिलेहृदि ॥