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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 622

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र १४१
बाप ने कहा कि लड़की ऊंचे कद की है। उम्र अभी लड़के से
बहुत कम है। यही बात विवाह ठीक कराने वाले रिश्तेदारों ने
भी कही, हम लोगो ने लडकी देखी नही क्योंकि लड़की दिखलाने
की प्रथा अभी कम है। विश्वास ही पर विवाह कर लिया।
यदि रोगी स्त्री की माता साथ में हुई तो वह कहती है कि
क्या करें ? लड़की की बात ठहरी लड़का कहीं मिलता नहीं था
इस लिये कर दिया। कहीं लड़की लड़के से छोटी होती है, कहीं
लड़का छोटा होता है इसमे क्या हर्ज होगया ? तब मुझे उस
रोगी स्त्री की माता से खुलासा कहना पडता है कि तुम महामूर्ख
हो। प्राचीन समय से बड़ों ने जो रिवाज चलाई है कि लड़का
लड़की से ड्योढ़ा न हो तो कम से कम सवाया जरूर होना चाहिये
तब विवाह का मेल ठीक होता है। वे क्या हमलोगो की तरह
मूर्ख थे जो व्यर्थ को ऐसा रिवाज चलाते, अब देखो तुमने जैसी
मूर्खता लड़की के विवाह में की है उसीका यह फल है कि स्त्री
पुरुष दोनों रोगी होरहे हैं। इनकी सन्तान भी रोगी अल्पायु होगी
और यह दोनों जन्म भर रोवेंगे और तुम भी कष्ट उठाओगी;
तब वह जवाब देती है कि क्या जिन लड़कियों का विवाह बराबर
वाले लड़के या ज्यादा उम्र वाले लड़के से होता है, वे लोग
बीमार नहीं पड़ते ? इस प्रकार उस रोगी स्त्री की माता या
सास जो साथ में हुई मुझसे हुज्जत करने लगती हैं।
पतिकी अवस्था कम होने का परिणाम
यह बात किसी को मालूम नही है कि लड़की से लड़के की