सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 621, कुल 704 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 621

१४० आनन्द मन्दिर
〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰
हैं, जो बिना पति के भली भांति प्रसग किये हुए स्त्री के शरीर से
दूर हो ही नहीं सकते ।
स्त्रियो के कई रोग ऐसे हैं जो नियमानुसार रति क्रिया होने
से ही दूर होते हैं। स्त्रियो के बहुत से रोग ऐसे भी हैं जो पुरुष के
शीघ्रपात व सुस्ती और इन्द्री की कमजोरी के कारण उचित रीति
से स्त्री-प्रसंग न होने से स्त्री को होजाते है । ऊपर लिखे अनेक
कारणो से स्त्री को गर्भ नहीं रहता इस लिये रोगी स्त्री के पति
का भी पूरा हाल जानने की अत्यन्त आवश्यकता होती है ।
पति पत्नी दोनो का हाल मालूम करके जिसमे जो रोग
हुआ वह दूर कर दिया जाता है। तब सन्तान होने लगती
है और रोग भी सदैव के लिये दूर होजाते हैं। इस प्रकार
रोगी स्त्रियो के पतियो के रोगी फार्म देखने से मुझे इस बात
का २५ पचीस वर्ष का अनुभव है कि ऐसे बेमेल विवाह की
रोगी स्त्रियो की भी सख्या कम नहीं है। जब मैं ऐसी रोगी स्त्रियो
के पति का फार्म देखती हू तो उनमे भी अनेक रोग पाती हू ।
मै रोगी स्त्री के साथ आई हुई माता या सास से पूछती हूं कि
तुमने यह मुर्खता क्यो की कि लड़की का बेजोड़ विवाह कर
दिया। लड़के से लड़की दूनी या ड्योढ़ी या सवाई है, इसी कारण
यह दोनो रोगी हो रहे हैं और जिन्दगी भर रोगी रहेगे ।
तब उस रोगी स्त्री की सास या माता कहती हैं कि हमने
देखा नही, रिश्तेदारो ने विवाह करा दिया। रोगी स्त्री की सास
साथ मे हुई तो वह कहती है कि हमलोग क्या जाने इसके मां