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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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१३८ आनन्द मन्दिर

स्त्री-पुरुष की ठीक ठीक पहिचान वड़ी कठिन है, क्योंकि
लड़के वाले को इतना मौका कहा मिलता है कि वह पद्मिनी
चित्रणी शंखिनी आदि के लक्षण ठीक ठीक मिलाकर विवाह
करें। न लड़की वाले को ही पुरुष की पहिचान करने का मौका
मिलता है, इसी कारण जितना हो सकता है मिलाया जाता है।
अब इसकी भी प्रथा उठती जाती है। इसी कारण ठीक मेल
नहीं मिलता।
बाल विवाह रोकने के लिये शारदा एक्ट बन गया है, परन्तु
उसका भी कितना विरोध हुआ और उसके पास होजाने पर भी
लोग परवाह नहीं कर रहे है। जैसा चाहिये वैसा प्रभाव शारदा
एक्ट का जनता पर नही पड़ा। जितना असर हुआ भी, वह नहीं
के बराबर है। फिर भला वैद्यकशास्त्र को कौन मानने लगा।
दूसरा बेमेल विवाह वह है जिसमें लड़का छोटा और
लड़की बड़ी होती है। यह विवाह बड़ा ही हानिकारक और
भयंकर परिणाम वाला होता है।
बेमेल विवाहका भयंकर परिणाम
पचीस वर्ष से मैं बराबर देख रही हूँ; मेरे पास अनेक
स्त्रियां इलाज के लिये ऐसी आईं और आया करती हैं कि जिनके
पति की अवस्था चौदह पन्द्रह वर्ष की है और पत्नी की पचीस
तीस वर्ष की है। उनका विवाह जब पति की अवस्था दस ग्यारह
वर्ष की थी तभी होगया था। इसी प्रकार के अनेक बेमेल विवाह