विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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जिनका विवाह बाल्यावस्था में हुआ है या होगा वे सदैव
रोगी और निर्बल ही रहेगे और सन्तान भी रोगी और अल्पायु
होगी । इसका कोई इलाज नहीं, केवल एक उपाय है कि इस
प्रथा को एकदम बन्द करना चाहिये ।
जो माता-पिता अपने किसी सुख अथवा खुशी के लिये
सन्तान का कम अवस्था मे विवाह करते हैं, वे सन्तान के साथ
बडी भारी शत्रुता करते हैं और अपने कुलका आगे के लिये
सत्यानाश मारते हैं।
बेमेल विवाह
बेमेल विवाह कई प्रकार के होते हैं। एक तो वह बेमेल
विवाह हैं जिनका हाल पीछे लिखा गया है, जिनमे पति पत्नी की
प्रकृति न मिले अर्थात् पद्मिनी, चित्रणी, शंखिनी, हस्तिनी जाति
की स्त्रियों का विवाह उनके मेल के मृग, शशक, वृषभ, अश्व
आदि पुरुष के साथ न हो ।
इस प्रकार के मेल से स्त्री-पुरुषों के विवाह होना कठिन है,
क्योकि कामशास्त्र ने तो इन सब स्त्री पुरुषों के लक्षण बतलाये
हैं और आयुर्वेद मे सबकी प्रकृति बतलाई है तथा और भी
लक्षण बतलाये हैं; परन्तु यह सब लक्षण मिलाकर विवाह करने
मे बड़ी भारी कठिनाइयाँ हैं। इस प्रकार से मेल मिलाकर
विवाह करने की लोग परवाह न करेंगे, क्योकि जितना हो
सकता है और सरल है उसी को बहुतेरे लोग नहीं मान रहे हैं।