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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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४३६ आनन्द मन्दिर
स्त्रियों की योनि के ये रोग सुश्रुत मे बतलाये हैं। सुश्रुत
आयुर्वेद का बड़ा भारी प्राचीन ग्रन्थ है। स्त्रियो के इन योनि
रोगो से और भी अनेक प्रकार के भयकर रोग उत्पन्न होजाते हैं
जिससे स्त्रियो का जीवन दुखमय बनजाता है और वे रोरोकर
जीवन व्यतीत कर कुसमय मे ही काल का कलेवा बनजाती हैं।
यदि स्त्रियो के पति अपनी पत्नियो पर दया दृष्टि दिखावे और
अधिक प्रसग से उन्हे बचाते रहे तथा स्वय बचते रहे तो स्त्रियों
की रोगी सख्या सैकड़ा पीछे निन्यानवे की जगह जो इस समय
देखी जाती है बहुत कम होजावे और भारत के बालक जो कुस-
मय मे ही काल का कलेवा बनजाते हैं जिसके कारण हमारे देश
के बालको की रोगी तथा मृत्यु सख्या अधिक सुनी जाती है
बहुत कम हो जावे।
योनि संकोचन
आयुर्वेद मे योनि संकोचन की अनेक औषधियां बतलाई हैं
वे औषधियां केवल ऊपर कहे गये महायोनि नामक रोग के लिये
हैं परन्तु मूर्ख अज्ञानी विषयी लोग प्राय उन औषधियो को विना
रोग के ही आरोग्य स्त्री की योनि सकोचन के काम मे केवल इस
लिये लाते हैं कि उन्होंने यह समझ रक्खा है कि जितनी ही
संकुचित योनि हो उतना ही आनन्द मिलेगा। इसलिये मूर्ख
विषयी पुरुष ऐसी औषधियो वाली पुस्तको की खोज मे रहा
करते हैं, यह देखकर पुस्तक बनाने वाले भी अपनी मूर्खता, पुस्तक