विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४२२ आनन्द मन्दिर
निकल सकता तब काटकर निकाला जाता है। यदि काटकर निका-
लने का मौका न मिला या उस समय कोई योग्य चिकित्सक न मिला
तो वह स्त्री मरजाती है। बालक योनि मे आकर फंस जाता है।
इसी कारण गर्भवती के साथ मैथुन करना ऋषियों ने मना
किया है। इससे गर्भ और गर्भवती दोनो को शारीरिक हानि
पहुँचती है। अनेक स्त्रियो की यह दशा होते लोगो ने देखी होगी
परन्तु फिर भी वाज नही आते ।
मेरे पास गर्भस्राव व गर्भपात और अन्य शिकायतो वाली
सैकड़ों स्त्रियां आया करती हैं। इन सबका कारण गर्भवती के
साथ रतिक्रिया करना पाया गया और अधिक प्रसंग करना
तथा विपरीत आसन से सभोग करना यह तो बहुत अधिक
स्त्रियो मे पाया जाता है, क्योकि जितनी स्त्रिया मेरे पास इलाज
के लिये आया करती हैं वे अपने पति का कुल हाल, अधिक
विषय तथा अनियम और विपरीत विषय का ही कहा करती हैं।
पुरुषों की इस अज्ञानता और कामान्धता ने स्त्रियो का
जीवन दुःखमय बना दिया है। पुरुष रोगी पत्नी पर भी दया
नही करते यह कितनी बड़ी अज्ञानता है।
शुष्का योनि
व्यवायकाले रुन्धन्त्या वेगात् प्रकुपितोऽनिलः ।
कुर्याद्विरामूत्रसङ्गार्त्तिं शोषं योनि मुखस्यतु ॥