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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ४२१
अनेक प्रकार से हानि पहुँचती है परन्तु भोजन कर थोड़ी ही
देर मे अर्थात् पेट भरे रहने पर विपरीत आसन से रति करने से
ऊपर लिखे अनुसार गर्भाशय को अधिक हानि पहुंचती है,
जिससे फिर वह स्त्री सभोग का सुख नही पाती ।
मेरे पास इस रोगवाली महीने मे पचासो स्त्रियां आया
करती है ।
सूचीमुखी योनि
गर्भस्थायाः स्त्रिया रौद्ध्याद्वायुर्योनि प्रदूषयन् ।
मातृ दोषादणुद्वारात् कुर्यात् सूचीमुखीन्तुसा ॥
अर्थात्—गर्भ मे कन्या हो उस समय यदि गर्भवती रतिक्रिया
करे तो वायु रुद्ध होकर गर्भवाली कन्या की योनि को दूषित
करके उसके योनि द्वार को छोटा करदेती है ऐसी योनि को
सूचीमुखी कहते हैं। पाठक पाठिकाओ ! विचार कीजिये, कितना
बड़ा अनर्थ है। गर्भवती के साथ रतिक्रिया करने से सन्तान पर
कैसा बुरा प्रभाव पड़ता है, वह जन्म भर के लिये कष्ट भोगती है।
इस रोग वाली अनेक स्त्रियां मेरे देखने मे आईं। किसी
किसी की योनि इतनी छोटी देखी गई जो पुरुष समागम के
योग्य ही नही। कोई कोई ऐसी देखी गईं कि सम्भोग के
समय उन स्त्रियो को बड़ा कष्ट होता है, यदि गर्भ रहगया
तो ऐसी स्त्रियों का गर्भ प्रसव के समय योनि के बाहर नहीं