विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंम की अद्भुत कथा २१
दाम्पत्य प्रेम की अद्भुत कथा
महाराजा रामचन्द्र के बाबा (दशरथ के पिता राजा अज) का
विवाह अत्यन्त सुन्दरी राजकन्या इन्दुमती से हुआ था। राजकुमार
अज का विवाह कर और उन्हें राजगद्दी देकर राजा अज के
पिता रघु ने-संन्यास ले लिया परन्तु पुत्र के अत्यन्त विनय और
आग्रह करने पर वन को न जाकर वे वहीं एकान्त में कुटी बनाकर
रहने लगे और कुछ दिनो मे योग समाधि से शरीर त्याग दिया।
राजा अज ने बड़ी योग्यता से राज्य किया उनके न्याय और
प्रजा प्रेम के कारण प्रजा राजा रघु के मृत्यु शोक को भूल गई।
राजा अज के रानी इन्दुमती के गर्भ से दशरथ नामक पुत्र
उत्पन्न हुआ। एक दिन इन्दुमती सहित राजा अज वन विहार
करने गया, उसी समय गोकरणनाथ जी को बीना सुनाने के
लिये नारद जी आकाश मार्ग से जा रहे थे, पवन के लगने
से उनकी वीणा के ऊपर से फूलो की माला उड़कर इन्दुमती के
हृदय पर गिरी। रानी उसके लगते ही मर गई।
अभिभूय विभूतिमार्तवीं,
मधु गन्धातिशयेन वीरुधाम्।
नृपतेरमरलगाप सा,
दयितोरुस्तनकोटि सुस्थितिम् ॥
वह दिव्य माला मधु और गन्ध की अधिकता से लताओं