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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 592

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ४१५
स्त्री अत्यन्त दुर्बल और विवर्ण होजाती है ऐसी योनि को
"अरजस्का योनि कहते हैं ।
अचरणा योनि
योन्यामधावनात् कण्डूं जाताः कुर्वन्ति जन्तवः ।
सा स्यादचरणा कण्ड्वा तयातिनरकांक्षिणी ॥
अर्थात्—योनि को न धोने से उसमें एक प्रकार के अदृश्य
छोटे छोटे कीडे पड़कर योनि में खुजली उत्पन्न करते हैं इस
खुजली के कारण वह स्त्री पुरुष समागम की अत्यन्त इच्छा करती
है ऐसी योनि को अचरणा कहते हैं ।
इसके विषय में पीछे भी लिखा जा चुका है और उपाय भी
बतलाया गया है। जो स्त्रियाँ सफ़ाई से नहीं रहती योनि को
कभी कभी धोती नहीं हैं उन्हीं में यह रोग पैदा होता है तब वे
दु.खी होती हैं ।
अतिचरणा योनि
पवनोऽति व्यवायेन शोफसुप्तिरुजः स्त्रियाः ।
करोति कुपितो योनौ सा चातिचरणा मता ॥
अर्थात्—अत्यन्त मैथुन करने के कारण वायु कुपित होकर
योनि में सूजन सुप्ति और पीड़ा उत्पन्न कर देती है ऐसी यानि
को अतिचरणा कहते हैं ।