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सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 499

३४६ आनन्द मन्दिर
इसके सब प्रश्नो का उत्तर लिख भेजे तब मैं तुम्हारे पति का
हाल मालूम करके बतलाऊगी कि किस के दोष से सन्तान
नही होती ।
इसके तीन चार दिन बाद एक दिन वह मेरे पास मुझसे
केवल मिलने के लिये आई, उस दिन उसने मुझसे कहा "देवी
जी ! न मालूम क्या बात है मेरी इच्छा कभी सम्भोग की नही
होती, अपने आप तो कभी इच्छा होती ही नही। जब मेरा विवाह
हुआ था तब इच्छा होती थी उसके बाद कभी भी स्वप्न मे भी
इच्छा नही होती । पति जी जब मेरे पास आते हैं तब घंटों वे
अनेक उपाय करते हैं तब इच्छा होती है, सो भी भलीभांति
नही होती । प्रसंग मे कुछ प्रसन्नता नही होती ।
उस स्त्री के कहने से मैं समझ गई । इसके पहिले मुझे उससे
यह बात पूछने का संकोच वश कुछ ध्यान ही नहीं रहा था
क्योंकि ऐसी बाते स्त्रियो से बिना जरूरत के पूछने में मुझे भी
कभी कभी संकोच मालूम होता है । मै जिस रोग की परीक्षा
करती हू उसके विषय मे भली भाति देखकर ही मालूम करलेती
हूँ और स्त्रियो के इस श्रग की खास कर बिना कारण के परीक्षा
नही करती, क्योकि इस