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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 48

जहा सती के शरीर के टुकड़े गये वहां वहा तीर्थ होगये जो देवी
मठ कहे जाते हैं जैसे ज्वालामुखी, देवीहिंगलाज, विन्ध्यवासिनी
देवी आदि। भारतवर्ष भरमें १०८ देवी के प्रसिद्ध मंदिर हैं।
शिव और सती का दाम्पत्य प्रेम भारत के धर्मग्रंथों अर्थात
भारत के प्राचीन इतिहास में प्रसिद्ध है। उसी दिन से सती धर्म
अर्थात पातिव्रत धर्म की प्रतिष्ठा नी नींव पडी। जो स्त्री पति के
प्रेम के कारण शरीर त्याग करती है वह सती कही जाती है।
और उसकी देश पूजा करता है। भारत की स्त्रियों की पतिभक्ति
जगद्विख्यात है। भारत की स्त्रियां अपने पति की निन्दा सुनकर
अब भी प्राण त्यागने को तैयार होजाती हैं।
पति और पत्नी मे कैसा प्रेम होना चाहिये यह भारत के
प्राचीन ऋषि मुनियों ने और देवताओं ने प्रत्यक्ष दिखला दिया है।
शिवजी का दाम्पत्य प्रेम आदर्श प्रेम है। जबसे पति पत्नी में प्रेम
का अभाव हुआ। पुरुष स्त्रियों का अनादर करने लगे और स्त्रियां
रोगी ही रोगी सन्तान उत्पन्न करने लगीं। पुरुष स्त्री को केवल
विषय वासना की तृप्ति करने तथा विषयाग्नि की शांति का यंत्र
समझ कर अनियम रति क्रिया करने लगे तब से दाम्पत्य प्रेम
और सुख का नाश होगया।
जब से मनगढंत कामशास्त्र कोकशास्त्र आदि की अनेक
गन्दी पुस्तकों का प्रचार हुआ है तब से देखा जाता है स्त्रियो
और पुरुषों की रोगी संख्या दिन प्रति दिन बढती जाती है
और इसी कारण हमारे देश के बालको की रोगी तथा मृत्यु संख्या
अन्य देशों के बालकों की रोगी तथा मृत्यु संख्या से अधिक है।