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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 446

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३०३
पाश्चात्य देशो मे कोई पुरुष बिना स्त्री की इच्छा के सभोग
सम्बन्धी कोई बात तक नही कर सकता । यदि स्त्री की इच्छा के
विरुद्ध कोई काम पति करता है तो वह पति को तलाक दे देती
है । इसीप्रकार के केस योरुप मे प्रति दिन बीसों हुआ करते
हैं । बीबी तलाक देकर दूसरी जगह चैन करती है । मियां मुंह
ताकते रहजाते हैं। बहुत छोटी छोटी बातों मे योरुप की स्त्रियां पति
को तलाक दे देती हैं। योरुप मे विवाह का कोई महत्व नही है, वहाँ
स्त्रियो या पुरुषों को सन्तान होने की भी अधिक लालसा यहां
की भांति नही रहती । वहां का विवाह बन्धन, बन्धन नही समझा
जाता, जब चाहे स्त्री पति को छोड़ सकती है ।
योरुप की स्त्रियो के विषय मे कुछ लिखना व्यर्थ है । सभी
भारतवासी जानते हैं उनका उदाहरण यहां की स्त्रियों से नहीं
दिया जासकता । रतिक्रिया के विषय मे योरुप की स्त्रियों का
उद्धारण देना तथा योरुप के विद्वानो के मत का उदाहरण देना
बड़ी भारी भूल है । वहां के स्त्री पुरुषो का खान पान रहन सहन
आचार विचार सामाजिक रीति व्यवहार वहां के जल वायु और
प्रकृति तथा रीति रिवाज पर निर्भर है । अतएव जितनी पुस्तके
रतिक्रिया विषय की अबतक बनी हैं, प्रायः योरुप की ही स्त्रियो
और पुरुषो के ग्रन्थो के आधार पर लिखी गई हैं । इसीलिये ऐसी
पुस्तको से हमारे देश के स्त्री पुरुषो को हानि के सिवाय लाभ
कभी नही हो सकता ।
इस विषय की पुस्तको मे जो विषय होना चाहिये जिसके