विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३०२ आनन्द मन्दिर
स्त्री पुरुषों को विषय की ओर अधिकता से लेजाने वाले अनेक
उपन्यास और कामशास्त्र की पुस्तकें अनेक चटपटे नामों से बड़ी
तेजी के साथ तय्यार हो रही हैं उनमें विषय वासना की ओर
स्त्री पुरुषों को ले जाने के अनेक मनगढत उपाय बतलाये गये हैं।
शास्त्रों का उदाहरण देकर लोगों को विश्वास दिलाया गया है कि
यह शास्त्रकारो ने आज्ञा दी है।
शास्त्रकार कभी इस प्रकार का उपदेश कर ही नही सकते
कि जिससे व्यभिचार का प्रचार हो और स्त्री पुरुष अधिक विषय
वासना में पड़कर रोगी हो रोगी सन्तान उत्पन्न करे। इसप्रकार
के शास्त्रकारों के उपदेश परमात्मा की सृष्टि में बाधा पहुँ-
चाते हैं। अतएव शास्त्रकारों का नाम लेकर ऐसी विषय की पुस्तकों
को लिखने वाले केवल अपने स्वार्थ के लिये ऐसा कर रहे हैं, मनुष्यों
का उनसे कुछ लाभ नही बल्कि हानि हो रही है। अज्ञानी विषयी
लोग उन पुस्तको से उपदेश ग्रहण कर अपने पैरों मे आपही
कुल्हाड़ा मार रहे हैं और अपने जीवन को मृत्यु के मुह में लिये
जारहे हैं। मान लीजिये किसी विषयी पुरुष ने कोई ऐसा विषय
लिख भी दिया तो बुद्धिमान विद्वान लोगो को उससे बचना ही
चाहिये, प्रचार करके जीवन शक्ति को नष्ट न करना चाहिये।
पाश्चात्य देशों मे पर स्त्रीगमन मादक द्रव्यों का अधिक
सेवन सब प्रकार के जीवो का मांस आदि खाना हितकारी और
उचित समझा गया है। वहा तो चित्त को प्रसन्न रखना स्त्री पुरुष
दोनों की स्वास्थ्य रक्षा का पहिला नियम है।