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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 447

३०४ आनन्द मन्दिर

न जानने से रतिक्रिया सम्बन्धी बड़ा भारी अज्ञान फैला हुआ है
सैकड़ा पीछे निन्यानवे स्त्रियां रोगी होरही हैं और पुरुषों की भी
रोगी संख्या कम नहीं है। इसी कारण हमारे देशके बालकों की
रोगी तथा मृत्यु संख्या अधिक है। इसलिये रतिक्रिया और गर्भा-
धानक्रिया की विधि धर्म शास्त्र और वैद्यक शास्त्र तथा काम
शास्त्र के अनुसार विस्तार पूर्वक लिखी जाती है। आशा है पाठक
इसी के अनुसार गर्भाधान क्रिया कर आरोग्य, और हृष्ट पुष्ट तथा
मनमानी सुन्दर सन्तान उत्पन्न करेंगे और पति पत्नी स्वयं
आरोग्यता प्राप्त करेंगे।
माता पिता के व्यभिचार और अधिक विषय तथा अनियम
रतिक्रिया का प्रभाव जो सन्तान की आत्मा और शरीर पर पड़ता
है और उसका जो भयंकर परिणाम समाज को भी भोगना पड़ता
है वह बड़ा दुखदाई होता है। बेचारे अनाथ बेकसूर बालक माता
पित के अपराधों के शिकार होकर जन्म भर दुख भोगते हैं और
माता पिता की अच्छी याद करते हैं। इसका विशेष वर्णन आगे
किया जावेगा।