विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
पृष्ठ 444, कुल 704 में से
संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र ३०१
बीसवां कारण
पति पत्नी मे सच्चा प्रेम नही होता। मेरे पास जितनी स्त्रियां
इलाज के लिये अब तक आईं और आया करती हैं सब की ही
प्रायः यह शिकायत रहती है। सैकड़ा पीछे पांच ही ऐसी मिलेंगी
जिनमे इस विषय की शिकायत न हो कि हमारे पति जैसा
चाहिये मुझसे वैसा स्नेह रखते हैं। हमारी इच्छा हो या न हो इसकी
कुछ परवाह नहीं। हमारी बीमारी की कुछ भी परवाह नही। केवल
विषय ही करना जानते हैं, सो भी शीघ्रपात के कारण इच्छा
पूरी नही हो पाती। पुरुषों के शीघ्रपात के कारण स्त्रियों को हिस्ट्रिया,
रज विकार, प्रदर आदि अनेक रोग उत्पन्न होजाते हैं इसी कारण
सैकड़ा पीछे निन्यानवे स्त्रियां रोगी पाई जाती हैं ।
इसी प्रकार के और भी कारण बालकों की अधिक रोगी
तथा मृत्यु संख्या के है क्योकि माता पिता दोनो का रजवीर्य
दूषित होने के कारण सन्तान रोगी होती है, जो स्त्री पुरुष अपनी
आरोग्यता का नियम ठीक रखते हैं और अहार विहार का नियम
ठीक तरह से पालन करते हैं उनकी सन्तान आरोग्य हृष्ट पुष्ट
और दीर्घ जीवी होती है ।
इक्कीसवां मुख्य कारण
स्त्री पुरुषों की अधिक रोगी संख्या तथा रोगी माता पिता से
रोगी सन्तान उत्पन्न होने का विशेष और मुख्य कारण यह है कि