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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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विवाह विज्ञान-कामशास्त्र २६७
कारण बालक रोगी निर्बल और दुर्बल होता है। यह भी कारण
हमारे देश के बालकों की रोगी तथा मृत्यु संख्या की अधिकता
का है।
तेरहवां कारण
सैकड़ा पीछे निन्यानवे स्त्रियो को प्रदर प्रसूत और मासिक-
धर्म्म की खराबी है। मेरे पास २५ वर्षों में कई लाख स्त्रियां
अपना इलाज कराने आईं । सब की ही रोग परीक्षा से मालूम
हुआ कि प्रदर प्रसूत और मासिकधर्म की ही खराबी अधिक है।
इनमें मे कुछ गर्मी और सुजाक रोग से भी ग्रसित पाई गईं। इनमे
जिनके सन्तान मौजूद थी वह भी निर्बल दुर्बल और रोगी थी
बहुतों के गर्भस्राव व गर्भपात की शिकायत थी। ऊपर लिखे
रोगों के कारण स्त्रियो के रोगी ही सन्तान उत्पन्न होती है और
वह दुर्बल रहती है।
चौदहवां कारण
वेश्यागामी और अधिक विषयी पुरुष शराब अफीम भांग
इत्यादि नशो का सेवन अधिक स्तम्भन के लिये किया करते हैं।
नशीली वस्तुओं का अधिक सेवन करने से वीर्य दूषित होजाता
है, उस वीर्य से जो सन्तान उत्पन्न होती है वह रोगी निर्बल
दुर्बल और कम आयु वाली होती है तथा सुस्त और दुर्बुद्धि
होती है।