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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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२७६ आनन्द मन्दिर
नपुंसकता के विशेष कारण
ध्वजभंगस्य चोत्पत्तिं लक्षणं शृणु विस्तरात् ।
अत्यम्ललवणाक्षार विरुद्धाजीर्ण भोजनात् ॥
जो पुरुष नियम पूर्वक आहार विहार नहीं करते, खटाई नमक
तथा क्षार पदार्थों का अधिक सेवन करते हैं और विरुद्ध भोजन
करते हैं वे कुछ दिनों मे नपुसक हो जाते हैं ।
अत्यंबुपानाद्विषमपिष्टान्नगुरु भोजनात् ।
दधिक्षीरानूपमांससेवनादतिकर्षणात् ॥
जो पुरुष भली भांति विधि पूर्वक न पकाया गया अन्न भक्षण
करते हैं, जो पानी अधिक पिया करते हैं और जो गरिष्ट (पिट्ठी
आदि के ) भारी पदार्थ तथा दही दूध और अनूप सचारी जीवो
का मास सेवन करते हैं इन कारणों सेवे भी कुछ दिनों मे नपुसक
हो जाते हैं ।
कन्यायां चैव गमनादयोनिगमनादपि ।
दीर्घरोमणीं चिरोत्सृष्टां तथैव च रजस्वलाम् ॥
इसका अर्थ यह होता है कि जो पुरुष बारह वर्ष से कम
आयु वाली स्त्री से प्रसंग करते हैं अथवा जो प्राकृतिक नियम के
विरुद्ध अयोनि मैथुन (हस्त मैथुन, लड़कों के साथ दुष्ट कर्मआदि)
करते हैं तथा जिस स्त्री के गुप्त स्थान में बहुत बड़े बड़े बाल हों