विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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प्रकार जो पति पत्नी सुन्दर न होने पर भी सुन्दर सन्तान उत्पन्न
करने की इच्छा रखते हो उन्हे परस्पर सच्चे प्रेम से ही गर्भाधान
क्रिया करनी चाहिये ।
एकवार मेरे पास इलाज के लिये एक स्त्री आई उसके
साथ मे एक लड़की थी और एक लड़का भी चार पांच वर्ष का
था लड़की दो वर्ष की थी । वह स्त्री सुन्दर थी, पजाव की रहने
वाली थी । मैंने उसकी लड़की को देख कर हंसी मे कहा कि आप
तो वड़ी सुन्दर हैं यह लड़की कैसी कुरूप पैदा की है ? तव वह
हसकर कहने लगी । न जाने क्या वात है लड़का मेरे ही रग रूप
का है यह लड़की वदसूरत हुई है । आपही वतलावे क्या
कारण है ?
इस प्रकार वातचीत होरही थी इतने ही मे उसकी नौक-
रानी जो वाहर वैठी हुई थी उस स्त्री को वुलाने आई । उसके
पति ने कुछ पूछने को वाहर वुलाया था । जव वह नौकरानी मेरे
सामने आई तो मैने देखा उस नौकरानी और उस लड़की की
जिसके वावत मुझसे वातचीत होरही थी, सूरत विलकुल मिलती
थी मैने नौकरानी को देखकर कहा, देखिये आपकी लड़की
नौकरानी की शक्ल की है । जव आपकी यह लड़की गर्भ मे थी
तव यह नौकरानी हर समय आपके पास रहती होगी । उस स्त्री
ने हस कर कहा—हां देवी जी ! यह वात तो वहुत ठीक
आपने वतलाई । जव यह लडकी गर्म मे थी तव मै वीमार होगई
थी तभी यह नौकरानी रक्खी गई थी । कोई और स्त्री मेरे