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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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विवाह विज्ञान-कामशास्त्र २४७

सम्भावना है उसीसे रोगी और भी अधिक वढ रहे हैं।
'आयुर्वेद बतलाता है पति पत्नी दोनों आरोग्य हों तब
सम्भोग करना चाहिये और यहा सैकड़ा पीछे निन्नानवे पति पत्नी
दोनो रोगी देखे जाते हैं यह ठीक आयुर्वेद के नियम के विरुद्ध है
अर्थात् रोगी होते हुए भी प्रसंग बिना किये बाज नहीं आते ।
शक्ति न रहते हुये भी स्तम्भन वटी खाकर तिला का सेवन
करके बिना शक्ति के ही सम्भोग करके अपना और अपनी
प्यारी स्त्री का जीवन नष्ट करना महा अज्ञानता है। स्तम्भन वटी
आदि रोगों को हटानेवाली अवश्य हैं परन्तु औषधि खाते हुए
यदि परहेज न किया जायगा, रोग उत्पत्ति का मूल नष्ट न होगा
तो वटी क्या करेगी ।

रोगों की उत्पत्ति

पुरुषों की विषयाग्नि में स्त्रियों के प्राणों की किस
प्रकार आहुती होरही है इसका मुझे पूरा अनुभव है क्योंकि
अनेक रोगों वाली स्त्रियां प्रति दिन आया करती हैं। उनकी जबानी
मालूम होता है कि जो जो कारण स्त्रियों के रोगों की उत्पत्ति के
आयुर्वेद में बतलाये गये हैं वे ही कारण पुरुषों के द्वारा प्रति
दिन हुआ करते हैं ।
जिससे स्त्रियां रोगी होजाती हैं और रोगी स्त्रियों से प्रसंग
करने से पुरुष भी रोगी होजाता है। इस प्रकार पति पत्नी दोनों
रोगी होकर रोगी सन्तान उत्पन्न करते हैं ।