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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 379

२४६ आनन्द मन्दिर
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तथा रोगी पुरुषो की रोगी स्त्रियां भी आइँ और आया करती
हैं। वे भी पति के शीघ्रपात की शिकायत और सिथिलता नपुस-
कता का रोना रोती हैं और औषधियां लेजाती हैं। इस प्रकार
पुरुषो की निर्वलता वीर्य्यक्षीणता और सम्भोग शक्ति का पता
लगता है। जब कि पुरुषो की शक्ति की यह दशा है तो इस दशा
मे आसनो का प्रयोग और अनेक निन्दनीय और हानिकारक
उपायो से सम्भोग करना और स्त्रियो को स्खलित करने का
उपाय काम मे लाना जीवन के लिए कितना हानि कारक और
अनुचित है।

स्त्रियों की रोगी संख्या

पुरुषो की अज्ञानता और भूल से स्त्रियो की भी रोगी
संख्या सैकड़ा पीछे निन्नानवे से कम नहीं है। २५ पच्चीस वर्षों
में मेरे पास लाखों ही स्त्रिया अपने रोगो की परीक्षा और
चिकित्सा कराने आईं। इन सब के देखने से और उन स्त्रियों की
जबानी मालूम हुआ कि अधिक विषय और नियम विरुद्ध
विपरीत रति के कारण स्त्रियों मे अनेक प्रकार के गुप्त रोग
उत्पन्न होगये हैं। इस प्रकार रोगी स्त्रियों की संख्या देखते हुये
यही निश्चय होता है कि स्त्री पुरुष दोनो की रोगी संख्या एक
दूसरे से कम नहीं है। ऐसी दशा मे ऐसी पुस्तको का प्रचार
करना जिनको पढ़सुन कर उनमे लिखे मनगढत प्रयोगों को काम
में लाने से और भी अधिक हानि पति पत्नी दोनों को पहुँचने की