विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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नहीं रहता यदि रहा तो गर्भपात व गर्भस्राव होजाता है। ऐसी
स्त्रियां मेरे पास अबतक बीसो हजार आचुकी हैं उनकी जबानी
उन कोकशास्त्र कामशास्त्र नामक अनेक पुस्तको का हानिकारक
परिणाम मालूम हुआ । अनेक स्त्रियो ने मुझसे कहा कि
हमारे पति ने कई जगह से पुस्तके मंगाईं उनमे लिखी विधि
से उलटी सुलटी रीति से सभोग किया तबसे गर्भाशय और पेडू
में पीडा होती है और भी अनेक शिकायतें होगईं हैं। किसी का
गर्भाशय टेढ़ा देखा गया, किसी का गर्भाशय सूजा हुआ पाया
गया, किसी का भीतर को धसा हुआ देखा गया, किसी का
गर्भाशय वाहर निकला हुआ मिला। इसी प्रकार के अनेक रोग
गर्भाशय सम्बन्धी देखे गये और देखे जाते हैं इन सबका विशेष
कारण अनियम रतिक्रिया है। लोग ऐसी पुस्तको को पढकर
विषय वासना की कामाग्नि वुझाने के लिये उसका बुरा परिणाम
न विचार कर स्त्रियो पर अत्याचार करते हैं। अधिक आनन्द
पाने की जगह कुछ रोज मे कष्ट भोगने लगते हैं और अपनी
प्यारी निरपराध स्त्रियो को भी रोगी बनादेते हैं। इसीलिए ऐसी
पुस्तके हर एक के लिए सदैव हानिकारक ही हैं, लाभकारी नही,
उन्हे न पढ़ना चाहिए।
अज्ञानी अपढ़ ही नही यह दशा अच्छे अच्छे पढ़े लिखे
सभ्य समाज के पुरुषो की भी है। अनेक डाक्टरों अन्य चिकि-
त्सको की स्त्रियां भी इस दुर्व्यसन के कारण रोगी हो मेरे पास
आईं और आरही हैं।