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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 367

१३६ आनन्द मन्दिर
पुरुषों की आया करती हैं। वे लिखते हैं मुझे स्त्री प्रसंग की
अधिकता के इन भयंकर परिणामो का पता न था। आपकी बनाई
दाम्पत्य जीवन शास्त्र से मुझे इस दुर्ब्यसन के भयंकर परिणाम
मालूम हुए। इसके कारण मेरी स्त्री भी रोगों का घर बनगई है
और मैं भी अब अपनी जिन्दगी से आरी आगया हूं।
इस प्रकार की एक दो नही, सौ दो सौ नहीं मेरे पास पचीस
वर्षों में युवक पुरुष रोगियो के लाखो पत्र आचुके हैं और
प्रतिदिन बराबर अनेक पत्र आया करते हैं। इसी कारण इस
पुस्तक के प्रकाशित करने की आवश्यकता समझी गई।
आजकल इसके विरुद्ध अनेक पुस्तकें कामशास्त्र कोकशास्त्र
इत्यादि अनेक नामो से प्रकाशित होरही हैं जिनमे मनगढ़ंत इतनी
अनर्थक बाते भरदी गई हैं कि जिनके पढ़ने से स्त्री पुरुषों को
उनकी परीक्षा की उत्कण्ठा होती है और वे बाते महा हानिकारक हैं।
उनमे उनकी हानि को छिपाकर लाभ दिखाया गया है और बीच
बीच मे कही कही धर्म की दुहाई भी दी गई है जिससे सभी
पुरुषों को अरुचि न हो। उपाय ऐसे हानिकारक बतलाये गये
हैं कि जिनको पढ़ सुनकर उन उपायों पर चलने वाले महा
भयंकर रोगों में फंस जाते हैं।
कामशास्त्र का नाम लेकर ऐसे मनगढंत आसनो का प्रयोग
बतलाया गया है कि उसके पढ़नेवाले मूर्ख विषयी पुरुष उस
विधि से रतिक्रिया कर स्त्रियों को वन्ध्या बनादेते हैं उनके
गर्भाशय मे ऐसी खराबियां उत्पन्न होजाती हैं कि गर्भ