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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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पृष्ठ 366

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र २३५
अधिक विषय का मुख्य कारण
पुरुषो की इस अज्ञानता भूल या मूर्खता का मुख्य कारण
यह है कि इस विषय का कोई उत्तम ग्रन्थ आजतक नहीं वना ।
किसी सज्जन विद्वान ने इस विषय के ग्रन्थ की कोई आवश्यकता
नहीं समझी क्योकि यह विषय विना शिक्षा के ही पशु पछी तक
जानते हैं इस विषय की शिक्षा प्रकृति से ही मिलजाती है।
यही समझ कर आजतक किसी का ध्यान इस ओर आकर्षित
नही हुआ । यद्यपि गर्भाधान क्रिया के नियम वताने वाले अनेक
ग्रन्थ वड़े वड़े विद्वानो के वनाये हुये मौजूद है परन्तु उनमें
केवल गर्भाधान विधि ही है रतिक्रिया का नियम विस्तार पूर्वक
नही समझाया गया इस कारण उन पुस्तको का प्रचार भी
नहुत कम है और केवल गर्भाधान विषय के लिये लोगो की
रुचि भी ऐसी पुस्तको की ओर कम रहती है।
ऐसी पुस्तको की अत्यन्त आवश्यकता है जिनसे विवाह
होते ही नव विवाहित वडे लड़के लड़कियो को उचित प्रसग के
गुण और अधिक नियम विरुद्ध प्रसग के अवगुण तथा उससे
होने वाले रोगो की उत्पति तथा रोगो से कष्ट और शरीर की
हानि इत्यादि विषय भली भांति समझाये जावे। फिर कोई कारण
नहीं है कि इसका प्रभाव उनके कोमल हृदयो पर न पड़े और
वे उन हानिकारक परिणामो से न बचे क्योकि मुझे इस बात
का पूरा अनुभव है। मेरे पास वीसो चिट्ठिया ऐसे नवयुवक रोगी