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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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२२० आनन्द मन्दिर
इन मे बहुत सी तो ऐसी थी कि जवानी मे तो अधिक विषय
वासना मे लगे रहने के कारण स्त्री पुरुष किसी को भी सन्तान
होने की इच्छा ही नही हुई और अधिक विषय से गर्भाशय मे
खराबी आजाने मे हुई भी तब, जब शक्तिहीन होगयी और गर्भा-
शय का रोग भी पुराना होगया फिर वे मेरे पास सन्तान का
इलाज कराने आई।

बहुतो के रोग जो दूर हो सकते थे इलाज करके दूर कर दिये
गये और पुरुषो को भी उनकी स्त्रियो द्वारा इलाज करके आराम
करदिया गया, सन्तान होने लगी परन्तु जिनके रोग असाध्य हो
गये तथा जिनकी अवस्था भी सन्तान, उत्पन्न करने के योग्य नहीं
रह गई थी वे स्त्रिया निराश गई ।

स्त्री अधिक रति सुख की इच्छुक नहीं होती। स्त्रियो को
केवल गर्भाधान के लिये ही रति की इच्छा होती है परन्तु विषयी
लोग स्त्रियो का स्वभाव अधिक विषय करके बदल लेते हैं इस
लिये उनका स्वभाव भी विषय वासना की तृप्ति करने का होजाता
है फिर वह स्वभाव आगे चलकर हानि पहुँचाता है।

मेरे पास जितनी रोगी स्त्रियां आती हैं उनके रोगो की परीक्षा
से रोगो का निदान करने से अनियम रतिक्रिया के कारण उत्पन्न
होने वाले रोगो के विषय में जब मै उनसे ब्रह्मचर्य से रहकर
औषधि सेवन करने को कहती हू तब वे जवाब देती हैं कि हम
क्या करें