सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 348, कुल 704 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 348

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र २१६
शरीर में वीर्यदोष सम्बन्धी अनेक रोग मौजूद हैं, शीघ्रपात के
कारण सुस्ती आ गई है, औषधियां सेवन कर रहे हैं परन्तु
ब्रह्मचर्य से दो चार महीने भी नहीं रह सकते। यही कारण
है कि सैकड़ा पीछे निन्यानवे स्त्रियां और पुरुष रोगी हैं और इसी
कारण हमारे देश के बालकों की रोगी तथा मृत्यु संख्या अन्य
देशों से अधिक है।
स्त्री की इच्छा न होते हुए भी पुरुष स्त्रियों पर अत्याचार
करते हैं। अन्य देशों में स्त्रियों की विना इच्छा के पुरुष कुछ भी
नहीं कर सकते, यदि करें तो स्त्री पति का त्याग करदें। दूसरी
बात यह है कि वहां के पुरुष भी उतना ज्ञान रखते हैं कि विना
स्त्री की इच्छा के रतिक्रिया करने से दोनों रोगी हो जाते हैं।
पुरुषों की बड़ी भारी भूल
विषयी पुरुषों की यह बड़ी भारी भूल है कि स्त्री अनेक
प्रकार से भांति भांति के उपायों से रतिक्रिया करने में प्रसन्न
होगी और हमें अधिक रतिसुख प्राप्त होगा। ऐसे विषयी पुरुषों
की इस भूलभरी मूर्खता ने असंख्य स्त्री पुरुषों का सत्यानाश
मारदिया। असंख्य स्त्रियां इन अनिष्टकारी भूलों की शिकार
बनगईं और बनती जा रहीं हैं।
इसी कारण बीसों हजार स्त्रियां सन्तानहीन होने से रो रो कर
जीवन व्यतीत कर रही हैं और सैकड़ों इसी तरह जीवन लीला
समाप्त करगईं। मेरे पास सन्तान हीन स्त्रियां भी बीसों हजार आईं