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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 347, कुल 704 में से

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पृष्ठ 347

२१८ आनन्द मन्दिर
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प्रतिदिन संभोग करने पर भी शक्ति कम न हो" उनकी स्त्रिया उसी
पत्र मे लिखती हैं कि हमारे पति की इच्छा नही भरती वे कई
बार प्रतिदिन संभोग करना चाहते हैं परन्तु शक्ति न रहने के
कारण नही कर सकते, लिखते सकोच मालूम होता है परन्तु
पति जी के अनेक वार आग्रह पर लिख रही हूँ कृपा करके कोई
औषधि भेजिये ।
मैं उन स्त्रियो और पुरुषो को साफ लिख देती हू कि आप
क्यो अपने और अपनी स्त्री के मौत के सामान की खोज मे
हैं । तारीफ यह है कि उनके पत्र मे प्रमेह सुस्ती शीघ्रपात की
भी शिकायत लिखी होती है फिर भी ऐसी औषधि चाहते हैं यह
कितनी भारी अज्ञानता है ।
बहुतेरे पुरुष लिखते हैं कि आपकी औषधि मगाकर हमने
रखली है परन्तु हम छुट्टी लेकर घर जाने वाले हैं एक महीने
घर पर रहकर जब लौटकर नौकरी पर आवेगे तब औषधि का
सेवन करेंगे क्योकि अभी से सेवन करने से आपके विधानपत्र
मे ब्रह्मचर्य से रहना लिखा है ऐसी दशा मे हम ब्रह्मचर्य से नही
रह सकते । कई महीने से स्त्री हमारे पास नही थी घर भेज दिया
था । हम इतने दिन बाद स्त्री से मिलेगे अगर ब्रह्मचर्य धारण
किये रहे तो हमारी स्त्री कही अपने मन मे यह न समझे कि मेरा
पति शक्तिहीन होगया और यह विचार कर दुःखी हो ।
पाठको ! यह कितनी बड़ी अज्ञानता है कि कुछ लोग इस
भ्रम के कारण भी ब्रह्मचर्य से थोड़े दिन नही रह सकते ।