विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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बतलाई है और इसी लिये अधिक अवस्था वाली स्त्री से प्रसंग
करना हानिकारक बतलाया है।
पुरुषों को इन किन्हीं बातों का ध्यान नहीं है बाल विवाह
और वृद्ध विवाह के कारण लाखों स्त्री पुरुष रोगी हो रहे हैं और
सन्तान भी रोगी उत्पन्न होती है। १६ वर्ष से कम अवस्था में
सम्भोग करने से पुरुष निर्बल दुर्बल और रोगी तथा कम उम्र-
वाला होता है।
इसी प्रकार बूढ़ा पुरुष सम्भोग करे तो वह भी अनेक रोगों
से ग्रसित होजाता है श्वास खांसी दमा इत्यादि रोग घेर लेते हैं
और वह शीघ्रही जीवन यात्रा पूरी कर जाता है।
पेट भर भोजन किये हो उस समय सम्भोग करे तो पाचन
शक्ति को हानि पहुँच कर अजीर्ण रोग उत्पन्न होजाता है, यदि
भूखा पुरुष सम्भोग करे तो निर्बलता और अनेक रोगों की उत्पत्ति
तथा मन्दाग्नि रोग उत्पन्न होजाता है।
रोगी मनुष्य सम्भोग करे तो रोग अधिक बढ़ जाते हैं और
क्षय आदि भयानक रोग उत्पन्न होजाते हैं तथा वह पुरुष शीघ्र
ही शरीर से क्षीण होकर कुछ दिनों में यमपुर की यात्रा करता है।
शीघ्रपात का कारण
शीघ्रपात के कारण की ओर किसी का भी ध्यान नहीं जाता।
शीघ्रपात का कारण वीर्य की निर्बलता है और वीर्य की निर्बलता
का कारण अनियम रतिक्रिया है। ऐसी दशा में शीघ्रपात को रोकने