विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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के पाये जाते हैं उसी प्रकार के लक्षण इसमे भी पाये जाते हैं
इस कारण किसी चिकित्सक को इस बात का पता नहीं लगता।
नौ दस महीने तक तो उस स्त्री के घरवाले बालक होने का
रास्ता देखते रहते हैं और दिन गिना करते हैं फिर दस महीने
भी पूरे हो जाते हैं बल्कि बारह चौदह महीने हो जाते हैं।
इस प्रकार की गर्भवती अनेक स्त्रियां मेरे पास गर्भ की परीक्षा
कराने आई और आया करती हैं। मैने देखा है कि बारह
महीने तक घरवाले इसी आशा मे रहते हैं कि गर्भ है और बालक
होगा।
जब सन्तान नहीं होती तब लेडी डाक्टरो और अन्य डाक्टरो
के पास लेजाते हैं वे लोग भी गर्भ बतलाते हैं और कोई कोई तो
कहदेते हैं कि पेट में बच्चा कमजोर है ठीक परवरिश नहीं पारहा
है इस लिये इस गर्भवती को अच्छे अच्छे बलकारक पदार्थ
खिलाओ तब बच्चा बढ़ेगा। इस प्रकार की गर्भवती अनेक स्त्रियां
सैकड़ो रुपया गर्भ की परीक्षा में खर्च कर डालती हैं क्योकि
प्रायः स्वार्थी चिकित्सक गर्भ बढ़ने का इलाज भी करते हैं और
कहते हैं बच्चे की परवरिश के लायक गर्भवती के शरीर मे रक्त
नही बनता है इस लिये इलाज करो। यह कहकर इलाज शुरू
करते हैं और उनसे रुपया वसूल करते हैं। इस गर्भ में गर्भवती
के स्तनो मे दूध भी निकलने लगता है इन सब लक्षणो के होने
से किसी को पता नही लगता कि गर्भ नही है।
इसकी परीक्षा लक्षणो से नही होसकती किन्तु स्त्री के