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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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१६६ आनन्द मन्दिर
गर्भाशय और पेट देखने से ठीक ठीक होती है आयुर्वेद के
अनुसार निदान से होती है। डाक्टरी चिकित्सा प्रणाली में निदान
उस प्रकार नहीं है जैसा हमारे आयुर्वेद ग्रन्थों में पाया जाता
है। इस बात का मुझे २५ पच्चीस वर्ष का अनुभव है क्योंकि
मेरे पास २५ वर्ष मे सभी प्रकार के रोगों की गर्भवती और
अनेक प्रकार के साधारण और गुप्त रोग वाली लाखो स्त्रियां
इस प्रकार की रोगी गर्भवाली भी हजारों स्त्रियां आईं और मैंने
चिकित्सा करके उन्हें आराम किया तब उन्हे निश्चय हुआ कि
यह गर्भ नहीं था।
स्त्रियों में परस्पर रतिक्रिया का फल
यदानार्यावुपैयातांवृषस्यन्त्यौकथञ्चन ।
मुञ्चतःशुक्रमन्योऽन्यसनस्थिस्तत्रजायते ॥
अर्थात्—दो स्त्रियां आपस मे एक दूसरे के साथ सम्भोग करे
उससे जो गर्भ रह जावे तो बिना हड्डी का गर्भ उत्पन्न होता है
हड्डी का अंश बहुत थोडा रहता है। जैसा कि पीछे बतलाया
गया है पति पत्नी की अज्ञानता से नपुंसक स्त्रिया पैदा होती
हैं वे इसी प्रकार अन्य स्त्रियो को अपनी इच्छा पूर्ति के लिये फसा
लेती है और इस प्रकार उनसे सम्भोग करती हैं इससे जो गर्भ
रह जाता है वह बिना हड्डी का होता है। ऐसी स्त्रियो को उत्पन्न
करने वाले मूर्ख कामान्ध माता पिता ही होते हैं। स्त्रियो का इसमें
कोई दोष नही समझना चाहिये ।