विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र १७५
वीर्यपात के समय पति पत्नी की चेष्टा
जिस समय पुरुष को यह मालूम हो कि स्त्री स्खलित होना
चाहती है उस समय शीघ्रता से स्त्री के पहिले ही अपना वीर्य-
पात करे। यदि कन्या की इच्छा हो तो स्त्री को स्खलित हो जाने
के पीछे आप स्खलित हो जैसा कि आयुर्वेद ग्रन्थों का मत है।
जिस समय पुरुष स्खलित होने को हो उस समय स्त्री के
मुंह पर मुह पर आंख पर आंख और इन्द्री को ठीक गर्भाशय
के मुखकी सीध पर रक्खे। स्त्री को चाहिये उस समय पति के मुख
की ओर वड़े प्रेम भाव से देखते हुए अपनी श्वास को ऊपर को
खींचे जिससे पुरुष का वीर्य गर्भाशय मे आने मे सुविधा हो। नीचे
को श्वास छोड़ने से गर्भाशय मे वायु का संचार होने से वीर्य के
वाहर निकल आने अथवा गर्भाशय मे जाने मे असुविधा होगी।
पुरुष को चाहिये वीर्यपात के समय विलकुल शान्त रहे किसी
प्रकार शरीर को उधर उधर न होने दे।
वैद्यकशास्त्र वतलाता है इस प्रकार गर्भाधान होने से मन-
मानी सन्तान की प्राप्ति